
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अपने आखिरी पड़ाव पर है, लेकिन ध्वज ने सबको चौंका दिया! जो ध्वज 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहरना था, वह इतना हल्का निकला कि उसे तुरंत बैक टू सेंडर भेजना पड़ा।
यानी—“Flag तो पवित्र चाहिए, पर थोड़ा Gym वाला भी!”
रक्षा मंत्रालय का सुझाव: ‘ध्वज चले, हवा न उड़ाए’
रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा:
- लंबाई: 22 फीट
- चौड़ाई: 11 फीट
- वजन: 2–3 किलो होना चाहिए
जो ध्वज भेजा गया था, वह हल्के रेशमी पैराशूट फैब्रिक से बना था। रक्षा मंत्रालय ने कहा—“भाई, मंदिर का शिखर 161 फीट है… ध्वज थोड़ा दमदार होना चाहिए।”
नए ध्वज में ये चिन्ह होंगे:
- कोविदार वृक्ष (राम राज्य का प्रतीक)
- सूर्यवंश का चिन्ह सूर्यदेव
- ओंकार चिह्न
ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त — बिल्कुल Cinematic!
समय: 11:58 AM से 1 PM
5 मिनट का Grand Moment
ध्वजा फहराएंगे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
उपस्थिति: RSS प्रमुख मोहन भागवत, CM योगी आदित्यनाथ

यानी— “राम मंदिर का Red Carpet Moment”
आयोजन होगा भव्य — फूल, रोशनी, और 360° घूमता ध्वजदंड!
- शिखर की ऊंचाई: 161 फीट
- ध्वजदंड: 42–44 फीट
- घूमने की क्षमता: 360 डिग्री
पूरे परिसर में डेकोरेशन ऐसा कि Google Maps भी पूछे— “क्या मैं भी आ जाऊँ?”
7–8 हजार श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्था, प्राण प्रतिष्ठा जैसी ही भव्यता, और PM का संबोधन भी होगा जिसमें निर्माण पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा होगी।
‘हल्का ध्वज भी VIP चेकिंग में फेल’
ध्वज की वापसी ने सोशल मीडिया पर भी माहौल बना दिया— “मंदिर के लिए ध्वज चाहिए, पतंग नहीं!” “अगर ध्वज हल्का है, तो ट्राइपॉड कौन संभालेगा?”
